बेटियों के लिये तड़पती है मां

आधी रात को बहुत बारिश हो रही थी।
Karan और उसकी बीवी swati एक मित्र की
पार्टी से अपनी
गाडी से घर वापस लौट रहे थे..

बारिश की वजह से karan बहुत धीमी गति से
गाड़ी चला रहा
था,

तभी अचानक बिजली गिरी..

बिजली की रोशनी में अजय को गाड़ी के सामने
एक बदहवास सी
एक औरत दिखाई दी..

Karan ने गाड़ी रोक दी..!

गाड़ी रुकने पर उसकी

बीवी ने कहा :- क्या
हूआ..? गाड़ी क्यों
रोक दी..?

Karan ने आगे की ओर इशारा किया।

Swati ने आगे देखा तो वो डर गयी,

 क्यों कि
गाड़ी के सामने एक
औरत खड़ी थी।
वो औरत गाड़ी के पास आयी, और हाथ से गाड़ी
का शीशा नीचे
करने का इशारा करने लगी।

Karan की बीवी swati काफी डर गयी थी,

उसने karan को गाडी
चलाने को कहा, लेकिन गाड़ी भी स्टार्ट नही
हुईं।

गाड़ी के बाहर खडी औरत बारिश की वजह से
भींग गयी थी।

वो हाथ जोडकर गाड़ी का शीशा नीचे करने
का इशारा कर रही
थी।

Karan को लगा कि वो औरत किसी मुसीबत मे है,

इसलिए उसने
गाड़ी का शीशा नीचे किया।

वो औरत हाथ जोडकर बोली, "भाई साहब मेरी
मदद करे..

 तेज
बारिश की वजह से मेरी गाड़ी का एक्सीडेंट हो
गया है,

 मेरी
गाड़ी रास्ते के नीचे गिर गयी है,
उसमें मेरी
छोटी बच्ची है..
 प्लिज
उसे बचाईये..।"


Karan गाड़ी से उतरा और उस औरत के पीछे गया।

उस औरत की गाड़ी रास्ते के काफी नीचे गिर
गयी थी।


Karan नीचे उतरकर उस गाडी केपास गया तो देखा
कि उसमें एक

प्यारी छोटी सी फूल सी बच्ची रो रही है..

उसने बच्ची को बाहर निकाला,

फिर karan को
लगा की ड्रायवर
की सीट पर भी कोई है।

जब karan ने ड्रायवर की सीट पर देखा तो उसके
होश उड
गये,

क्योंकि ड्रायवर के सीट पर वही औरत खून से
लथपथ मरी पडी
थी।

Karan को अब सब समझ में आया।
वो बच्ची को लेकर अपनी गाड़ी के पास
आया

,बच्ची को अपनी
बीवी swati को दिया।

उसकी बीवी बोली, "वो औरत कहा है..? वह
कौन थीं...?"


Karan बोल
.
.
.

.
.
.
"वो एक माँ थी। मर कर भी बेटियों के लिये
तड़पती है मां ..!!"
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