अंकल जी आप घर जाओ

हँसी न आये तो आज से पोस्ट करना बंद।
एक बुजुर्ग अपनी पुरानी मारुति से जा
रहे थे.. 😊😀
कि एक BMW को ज़रा सी खरोंच लग
गयी।😥😥
.
BMW में से चार लम्बे चौड़े सरदार
निकले
और वृद्ध व्यक्ति की पिटाई की नौबत
आ गयी। 💪👊👊
.
तभी बुजुर्ग ने कहा कि आप चार हैं
और मैं अकेला, ये तो ना-इंसाफी है
उन चारों सरदारों में जो सबसे बड़ा
था,
.
वो बोला, सुरजिते और अमार्जिते तुम
अंकल की तरफ हो जाओ।  😂😜
.
बुजुर्ग बोला, “पर हम तो तीन हैं और
आप दो ”
तो उन मे से सुरजिते बोला:
कोई बात नहीं अंकल जी आप घर जाओ,
इन दोनो से हम निपट लेंगे😜😝😂😂
🎭www.TodaysJoke.in🎭

करीना और कमीना

एक लड़का टेटू बनवा रहा था और रो रहा था.
.
मैं बोला भाई जब दर्द नहीं सहा जाता तो क्यूँ टेटू बनवा रहा हैं

लड़का ---दर्द से नहीं रो रहा हूँ भाई..

          करीना लिखना था साले ने कमीना लिख दिया हैं 😂😂

गरीबी रेखा के नीचे

सरकार के अनुसार अब से
अमीरी और गरीबी का पता
सिम कार्ड से ही लगा लिया जाएगा
.
.
.
.
Airtel, idea, vodafone से
नेट चलाने वाले अमीर,
.
.
Jio में नेट चलाने वाले गरीबी रेखा
के नीचे !!
😝😝

मृत्यु के बाद After Death

मृत्यु के बाद भी,
                Facebook
                Whatsapp
           मेसेज पढ़ना हो तो.....

               "नेत्रदान करे"
                    👁👁

"जिंदगी के साथ भी,
               जिंदगी के बाद भी"

'गणित का सूत्र

एक राजा ने बहुत ही सुंदर ''महल'' बनावाया और महल के मुख्य द्वार पर एक ''गणित का सूत्र'' लिखवाया और एक घोषणा की कि इस सूत्र से यह 'द्वार खुल जाएगा और जो भी इस ''सूत्र'' को ''हल'' कर के ''द्वार'' खोलेगा में उसे अपना उत्तराधीकारी घोषित कर दूंगा।
राज्य के बड़े बड़े गणितज्ञ आये और सूत्र देखकर लोट गए, किसी को कुछ समझ नहीं आया। आख़री दिन आ चुका था उस दिन 3 लोग आये और कहने लगे हम इस सूत्र को हल कर देंगे। उसमे 2 तो दूसरे राज्य के बड़े गणितज्ञ अपने साथ बहुत से पुराने गणित के सूत्रो की पुस्तकों सहित आये। लेकिन एक व्यक्ति जो ''साधक'' की तरह नजर आ रहा था सीधा साधा कुछ भी साथ नहीं लाया था। उसने कहा मै यहां बैठा हूँ पहले इन्हें मौक़ा दिया जाए। दोनों गहराई से सूत्र हल करने में लग गए लेकिन द्वार नहीं खोल पाये और अपनी हार मान ली। अंत में उस साधक को बुलाया गया और कहा कि आपका सूत्र हल करिये समय शुरू हो चुका है। साधक ने आँख खोली और सहज मुस्कान के साथ 'द्वार' की ओर गया। साधक ने धीरे से द्वार को धकेला और यह क्या? द्वार खुल गया, राजा ने साधक से पूछा - आप ने ऐसा क्या किया? साधक ने बताया जब में 'ध्यान' में बैठा तो सबसे पहले अंतर्मन से आवाज आई, कि पहले ये जाँच तो कर ले कि सूत्र है भी या नहीं। इसके बाद इसे हल ''करने की सोचना'' और मैंने वही किया! कई बार जिंदगी में कोई ''समस्या'' होती ही नहीं और हम ''विचारो'' में उसे बड़ा बना लेते हैं।
*जीएसटी लगने तो दीजिये अभी अपना ब्लड प्रेशर मत बढाइये*